नीलम अत्यंत लाभकारी राशि रत्न है | नीलम को अत्यंत प्रभावशाली एवं शक्तिशाली माना गया है। नीलम को मूलतः आर्थिक विकास, सफलता, प्रभुत्व स्थापन, पारिवारिक सुख एवं दीघायु के लिए धारण किया जाता है |
नीलम के अत्यंत फायदे है। परन्तु इन् फायदों को उठाने के लिए सही नीलम रत्न चुनना आवश्यक है।
सही नीलम रत्न चुनने में निम्न समस्या आती हैं | (The following problems are found in choosing the right Blue Sapphire)
१. बाजार में मिलने वाले अधिकतर रत्नो को कृतिम प्रकिया द्वारा सुंदरता प्रदान की जाती है। कृतिम प्रकिया के दौरान रत्नो को सैंकड़ो डिग्री के तापमान पर पकाया जाता है, इनमे कृत्रिम रंग डाला जाता है या फिर बोहत सी तकनीक द्वारा इसको अधिक पारदर्शी बनाया जाता है | हालांकि इस प्रक्रिया से रत्न की सुंदरता बढ़ जाती है परन्तु इसके आत्मिक स्वरुप ख़तम हो जाता है। वैज्ञानिक तौर पर भी रत्न अंदर से पूरी तरह छिन्न-भिन्न हो जाता है | ऐसे रत्नो को ज्योतिष दृष्टि से अयोग्य माना गया है। ऐसे रत्नो की कीमत भी कम् होती हैं| ट्रीटमेंट वाले रत्न के प्रयोग से कोई ज्योतिष लाभ संभव नहीं है।
२. नीलम रत्न एक कीमती रत्न है। इसी कारण से दुकानदार इस्तेमाल किये हुए नीलम को अक्सर वापस खरीद भी लेते हैं | यही नीलम आगे पूरी कीमत पर अगले ग्राहक को बेच दिया जाता है। याद रहे जो आपसे इस्तेमाल किया हुआ नीलम लेने को तैयार है वह आपको भी तो किसी का इस्तेमाल किया रत्न ही देगा | किसी का उतारा हुआ रत्न पहनना ज्योतिष के अनुसार वर्जित है। इससे 100% परहेज़ करें | मुफ्त में भी किसी का पहना हुआ रत्न न लें | पहनने वाले की नेगेटिव एनर्जी आप को प्रभावित कर सकती है।
३. नीलम लेने जाएंगे तो सोचना होगा की कितना वज़न पहनना है। भिन्न भिन्न प्रकार के विचार सुनने को मिल जाएंगे| कोई वज़न के अनुसार पहनने को बोलेगा, कोई उम्र के अनुसार, तो कोई शुभ अंक के अनुसार | आप बस ये जान लें की आपको एक शुद्ध और अच्छा रत्न पहनना है। आप चाहे कसी भी वज़न या उम्र के हैं, आप ५ से ८ रत्ती के बीच एक अच्छा नीलम पहनेंगे तो फायदा होगा | निचली क्वालिटी के नीलम को अगर 20 रत्ती भी लेंगे तो फल मिलने मुश्किल है | जिस प्रकार औषधि की ताकत को देखा जाता है उसी प्रकार रत्न की ताक़त को देखा जाता है। कम् प्रभाव की औषधि दिन भर भी खायी जाये तो बीमारी से छुटकारा नहीं मिलेगा परन्तु कारगर दवाई की एक छोटी गोली आपका मर्ज़ ख़त्म कर सकती है |
४. नीलम के बारे में अक्सर लोगो को बोलते सुनेंगे की कश्मीर का नीलम पहन लें | तो ये बात जान लें की कश्मीरी नीलम की खाने अब बंद है। बाजार में मिलने वाला कश्मीरी नीलम या तो अक्सर किसी का इस्तेमाल किया हुआ है या फिर वह कश्मीरी नीलम है ही नहीं | कश्मीरी नीलम अगर मिल भी जाए तो उसकी कीमत आसमान छूती है। सतर्क रहे | अच्छे असर के लिए एक अच्छा नीलम लें | श्री लंकाँ का नीलम जिसे सिलोनी नीलम भी कहते अच्छे दाम पे मिल जाता है। इसमें ध्यान रखें की कोई ट्रीटमेंट न हो |
५. नीलम का चयन करने के बाद ध्यान रखें की आपके नीलम के साथ आपको रत्न प्रयोगशाला का प्रमाण पत्र मिले | ये प्रमाण पत्र ही असली गारंटी है। मौखिक दावों पे विश्वास करने की बजाये, कागज़ी दस्तावेज़ों से गारंटी लें |
यही कुछ बातें हैं, जितनी जानकारी के अभ्हव में नीलम को खरीदने में दिक्कतें आ सकती है। अगर आपके पास ये जानकारी है तोह एक नीलम ले पाना बोहत ही सरल है।






























































































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