सदियों से पुखराज रत्न का प्रयोग होता आ रहा है और सभी को यह रत्न बहुत पंसद भी आता है क्योंकि से मनुष्य के जीवन के हर क्षेत्र में अपना शुभ प्रभाव पहुंचाता है। हल्के पीले रंग का यह रत्न दिखने में बहुत ही सुंदर होता है।
पुखराज बृहस्पति का रत्न है और अलग-अलग जन्मकुंडली में गुरु का विभिन्न प्रभाव होता है। गुरु की स्थिति को मजबूत करने के लिए बृहस्पति का यह रत्न धारण किया जाता है। गुरु को ज्ञान, शक्ति, यात्रा, वाणी की मधुरता और समृद्धि का कारक माना गया है।
वैदिकदिक ज्योतिष के अनुसार बृहस्पति दो राशियों का स्वामी है और वो दो राशियां हैं धनु और मीन। बृहस्पति .अपनी शक्तियों से जातक को असीम सफलता और संपन्नता प्रदान कर सकता है।
आइए अब जानते हैं कि राशिचक्र की 12 राशियों पर बृहस्पति के रत्न पुखराज का क्या प्रभाव पड़ता है।
मेष राशि (Aries)
मेष राशि के जातकों के लिए पुखराज बहुत शुभ होता है। गुरु नवम और बारहवें भाव का स्वामी है। गुरु की महादशा और अंर्तदशा में ये रत्न बहुत फायदा पहुंचाता है। मेष राशि के जातक को पुखराज पहनने से संपत्ति, व्यापार और करियर में लाभ मिलता है।
वृषभ राशि (Taurus)
अगर इस राशि के जातकों की कुंडली में 11वें, तीसरे या चौथे भाव में गुरु बैठा है तो आपको पुखराज रत्न धारण करने से लाभ मिलता है। इसके प्रभाव से आपको करियर में सफलता मिलती है। आय के नए स्रोत खुलते हैं।
मिथुन राशि (Gemini)
जन्मकुंडली में बृहस्पति दूसरे, सातवे या दसवे भाव में हो तो मिथुन राशि के जातकों को पुखराज धारण करना फायदेमंद रहता है। ये रमत्न धारणकर्ता को अच्छा जीवनसाथी पाने में मदद करता है। करियर और व्यापार में विकार में भी सहायता मिलती है।
कर्क राशि (Cancer)
कर्क राशि के लोग बिना किसी संकोच के पुखराज रत्न पहन सकते हैं। कुंडली में पहले, दूसरे, पांचवे, नौवे या ग्यारहवें भाव में गुरु हो तो ये जातक अपनी पूरी जिंदगी पुखराज पहन सकते हैं। इससे आपको भाग्य का साथ मिलता है और मान-सम्मान में वृद्धि होती है।
सिंह राशि (Leo)
इस राशि के जातकों के लिए पुखराज रत्न बहुत शुभ माना जाता है। पंचम भाव में गुरु हो तो यह रत्न आपको शिक्षा ज्ञान और अचानक लोकप्रियता में इजाफा करता है। इसे धारण करने से शिक्षा में सफलता मिलती है और ज्ञान में बढोत्तरी होती है। ये रत्न आपका भाग्योदय कर सकता है।
कन्या राशि (Virgo )
कन्या राशि के जातकों के लिए भी पुखराज रत्न बहुत शुभ माना जाता है। ये रत्न आपके जीवन में शांति, संतुलन और खुशहाली लाता है। इसे धारण करने से संबंधों में मधुरता आती है।
तुला राशि (Libra )
तीसरे, छठे, नौवे और दसवें एवं ग्यारहवे भाव में गुरु बैठा हो तो तुला राशि के जातकों को पुखराज धारण करने से असीम लाभ मिलता है। इससे आपका स्वास्थ्य बेहतर होता है और संबंधों में सुधार आता है। ये धारणकर्ता की सेहत को बेहतर कर शरीर को रोगमुक्त बनाता है।
वृश्चिक राशि (Scorpio)
इस राशि के शिक्षा और समृद्धि पर गुरु का प्रभाव रहता है। इस रत्न को धारण करने से वृश्चिक राशि के लोगों की संपन्नता बढ़ती है और शिक्षा के क्षेत्र में भी लाभ होता है। उच्च शिक्षा और तेज दिमाग पाने में ये रत्न आपकी मदद कर सकते हैं। धन लाभ भी ये रत्न आपको देता है। परिवार के सदस्यों के साथ भी संबंध बेहतर बन पाते हैं।
धनु राशि (Sagittarius)
धनु राशि का स्वामी बृहस्पति ही है और इस प्रकार पुखराज धनु राशि का भाग्य रत्न माना जाता है। इस रत्न को धारण करने से आपको जीवन के हर क्षेत्र में सफलता मिलती है। सुंदर घर मिलता है और सेहत भी बढिया रहती है।
मकर राशि (Capricorn)
गुरु की महादशा और अंर्तदशा के दौरान पुखराज पहन सकते हैं। तीसरे, चौथे, सातवे या ग्यारहवें भाव में गुरु हो तो जातक के पुखराज धारण करने से इस ग्रह को मजबूती मिलती है। इससे मकर राशि के जातकों के साहस और आत्मविश्वास में वृद्धि होती है। ये भाई-बहनों के साथ संबंधों को भी मजबूत करता है।
कुंभ राशि (Aquarius)
अगर आपकी जन्मकुंडली में बृहस्पति दूसरे, दसवें या ग्यारहवें भाव में बैठा है या गुरु की महादशा या अंर्तदशा चल रही है तो कुंभ राशि के जातकों के लिए पुखराज धारण करना शुभ रहता है। इस रत्न को धारण करने से वैभव, धन में वृद्धि होती है। ये आमदनी के स्रोत भी बढ़ाता है।
मीन राशि (Pisces)
मीन राशि के जातकों के लिए पुखराज रत्न बहुत शुभ रहता है। आपके लिए ये रत्न किसी वरदान से कम नहीं है। इससे मीन राशि के लोगों को सेहत और शक्ति मिलती है। ये आध्यात्मिक कार्यों में रुझान बढ़ाता है।
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